MPBSE MP Board Exam 2026: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं फरवरी 2026 से आयोजित की जाएंगी। बोर्ड द्वारा जारी संशोधित टाइम टेबल के अनुसार, सभी परीक्षाएं सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक एक ही पाली में होंगी। परीक्षा की अवधि 3 घंटे की होगी और प्रत्येक विषय का पेपर 100 अंकों का रहेगा।
एमपी बोर्ड परीक्षा 2026 की तैयारी कर रहे छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in पर जाकर नवीनतम अपडेट और संशोधित शेड्यूल अवश्य चेक करें।
MP Board Exam 2026: परीक्षा कार्यक्रम (संक्षेप में)
MP Board 12वीं परीक्षा 2026
- शुरुआत: 10 फरवरी 2026 (अंग्रेजी)
- समाप्ति: 7 मार्च 2026 (हिंदी – संशोधित)
- मुख्य विषय:
- फिजिक्स व इकोनॉमिक्स: 13 फरवरी
- केमिस्ट्री व हिस्ट्री: 18 फरवरी
- गणित: 25 फरवरी
MP Board 10वीं परीक्षा 2026
- शुरुआत: 13 फरवरी 2026 (उर्दू)
- समाप्ति: 6 मार्च 2026 (हिंदी – संशोधित)
- मुख्य विषय:
- गणित: 24 फरवरी
- विज्ञान: 27 फरवरी
- सामाजिक विज्ञान: 2 मार्च
प्रैक्टिकल परीक्षाएं:
रेगुलर छात्रों के लिए प्रैक्टिकल परीक्षाएं 10 फरवरी से 10 मार्च 2026 के बीच संबंधित स्कूलों में आयोजित की जाएंगी।
MP Board Exam 2026 का सिलेबस और टाइम टेबल कहां देखें?
छात्र एमपी बोर्ड परीक्षा से जुड़ी सभी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर प्राप्त कर सकते हैं:
- टाइम टेबल: होमपेज पर “Time Table” सेक्शन में जाकर “संशोधित परीक्षा कार्यक्रम 2026” डाउनलोड करें।
- सिलेबस और ब्लूप्रिंट: “Academics” सेक्शन में प्रत्येक विषय का लेटेस्ट सिलेबस और मार्किंग स्कीम उपलब्ध है।
MP Board Exam 2026: फाइनल तैयारी के लिए जरूरी टिप्स
परीक्षा में अब एक महीने से भी कम समय बचा है। ऐसे में नई किताबें या नए टॉपिक शुरू करने से बचें। बेहतर परिणाम के लिए इन रणनीतियों को अपनाएं:
- ब्लूप्रिंट समझें: जिन अध्यायों से दीर्घ उत्तरीय प्रश्न पूछे जाते हैं, उन पर विशेष फोकस करें।
- पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र (PYQs): पिछले 5 साल के पेपर हल करके प्रश्नों के पैटर्न को समझें।
- रिवीजन नोट्स: अपनी बनाई हुई शॉर्ट नोट्स और फॉर्मूला शीट से ही रिवीजन करें।
- लिखने का अभ्यास: साफ लिखावट और सही डायग्राम से बेहतर स्कोर किया जा सकता है।
- टाइम मैनेजमेंट: 3 घंटे में पूरा पेपर हल करने की नियमित प्रैक्टिस करें।
छात्रों को सलाह दी जाती है कि किसी भी विषय से जुड़ी समस्या होने पर समय रहते अपने शिक्षकों या सीनियर्स से मार्गदर्शन लें और अंतिम समय का इंतजार न करें।